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यदि जन्म कुंडली के भाग्य भाव का स्वामी भाग्य भाव में हो, और ऐसे भाग्य भावस्थ,

  • Pawan Dubey
  • Sep 25, 2023
  • 1 min read

यदि जन्म कुंडली के भाग्य भाव का स्वामी भाग्य भाव में हो, और ऐसे भाग्य भावस्थ,भाग्येश पर देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि पड़ जाए। तो ऐसा जातक महा भाग्यशाली होता है। अब जिनकी कुंडली में देव गुरु बृहस्पति ही भाग्येश है,तो वह तो बात ही अलग है। लेकिन बाकी भाग्य भाव का स्वामी कोई और ग्रह हो, और भाग्य भाव में वह बैठा हो, और ऐसे भाग्य भावगत पर देवगुरु बृहस्पति की दृष्टि का पड़ना ही इस बात की सूचना है,कि ऐसा जातक महा भाग्यशाली है।

 
 
 

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