top of page

जन्म कुंडली में बुध की महादशा हो, और शनि देव की अंतर्दशा हो,

  • Pawan Dubey
  • Sep 25, 2023
  • 1 min read

जन्म कुंडली में बुध की महादशा हो, और शनि देव की अंतर्दशा हो, तो ज्योतिष शास्त्र के मर्मज्ञों की माने,तो यह समय अर्थात् बुध की महादशा में शनि का अंतर दशा का काल जातक को जबरजस्त धन प्राप्त कर आता है। ऐसा देखने में आता है,कि इस समय अवधि में आकस्मिक धन लाभ होने लगता है,परंतु यह भी देखने में आता है, कि इस समय काल में प्राप्त धन उपभोग जातक बहुत ज्यादा नहीं कर पाता। बल्कि जुआ,सट्टा,लॉटरी इत्यादि,में धन को कहीं ना कहीं वह बर्बाद ही कर देता है।

 
 
 

Recent Posts

See All
जन्म कुंडली में शनि या राहु, कुंडली के तीसरे अथवा छठे स्थान पर हों,तो ऐसे जातक

जन्म कुंडली में शनि या राहु, कुंडली के तीसरे अथवा छठे स्थान पर हों,तो ऐसे जातक को भविष्य में घटने वाली घटनाओं का पूर्वाभास होने लगता है।...

 
 
 
जन्म कुंडली में केंद्र और त्रिकोण में पाप ग्रह ना हों, लग्नेश और देवगुरु बृहस्पति केंद्र में स्थित

जन्म कुंडली में केंद्र और त्रिकोण में पाप ग्रह ना हों, लग्नेश और देवगुरु बृहस्पति केंद्र में स्थित हों, जरूरी नहीं है, कि युति में...

 
 
 
जन्म कुंडली में द्वितीय भाव का स्वामी बलवान हो, शुभ ग्रह से युत, अपनी स्वराशि या उच्च

जन्म कुंडली में द्वितीय भाव का स्वामी बलवान हो, शुभ ग्रह से युत, अपनी स्वराशि या उच्च राशि में हो, साथ ही साथ जन्म कुंडली में देवगुरु...

 
 
 

Comments


bottom of page