बच्चें की जन्म कुंडली में चंद्रमा चतुर्थ भाव, षष्ठ भाव में अथवा अष्टम भाव में हों, अथवा चंद्रमा की
बच्चें की जन्म कुंडली में चंद्रमा चतुर्थ भाव, षष्ठ भाव में अथवा अष्टम भाव में हों, अथवा चंद्रमा की दशा हो, ऐसे बालक को, नवजात शिशु को, कफ् जन्य रोग अवश्य होता है। ऐसे बच्चे सामान्य मौसम परिवर्तन से भी प्रभावित हो जाते हैं। यदि आपके घर में ऐसा बच्चा है,तो आपको अवश्य ही सावधान रहना चाहिए। ऐसे बच्चों की माता को पूर्णिमा का व्रत करना चाहिए। और यदि जन्म कुंडली में चंद्रमा छठे भाव और आठवें भाव के स्वामी हैं। तब उनकी दशा चल रही है। और बालक की उम्र 8 वर्ष के भीतर है। तो यह विशेष मारक सिद्ध होगा। और ऐसी अवस्था अगर आपके घर में किसी बच्चें की है। तो फिर ऐसे घर के बच्चे के जो माता-पिता हैं। अवश्य ही शिवजी की आराधना करें। महामृत्युंजय का जप करें। यह बच्चे के हित में होगा। उसकी आयु की सुरक्षा इससे होगी।

Comments