top of page

जन्म कुंडली में मंगल यदि चतुर्थ भाव में, सप्तम भाव में और दशम भाव में हैं। तो एक मूल मंत्र

Pawan Dubey
Apr 16, 2025
1 min read

जन्म कुंडली में मंगल यदि चतुर्थ भाव में, सप्तम भाव में और दशम भाव में हैं। तो एक मूल मंत्र बता दे रहा हूं,आजीवन याद रखिए। किसी की मदद मत लीजिए। यूं समझ लीजिए,कि जो भी व्यक्ति आपकी मदद करेगा। वह आपके भाग्य का हरण करेगा। अगर उसे व्यक्ति का भाग्य कमजोर होगा। तो समझ लीजिए आपके भाग्य को लेकर के वह मजबूत होगा। और आपका भाग्य,आप कमजोर होंगे। अगर ऐसा जातक पहले तो मदद ही ना लें। और अगर मदद ले रहे हैं,तो मुफ्त में ना लें,उस मदद के बदले सामने वाले को धन दे।

 
 
 

Recent Posts

See All
जन्म कुंडली में अष्टम का यदि चंद्रमा हो, तो ऐसा चंद्रमा भयंकर मानसिक कष्ट और परेशानी देने

जन्म कुंडली में अष्टम का यदि चंद्रमा हो, तो ऐसा चंद्रमा भयंकर मानसिक कष्ट और परेशानी देने वाला होता है। बल्कि यह यदि छिड़ चंद्रमा हो, तो बाल्य काल से ही जातक को रोगी बना देता हैं। परंतु यदि पक्ष बल से

 
 
 
जन्म कुंडली में कोई नीच का ग्रह लग्न में हो,और शनि की दृष्टि उस ग्रह पर हो, अथवा लग्न में शनि

जन्म कुंडली में कोई नीच का ग्रह लग्न में हो,और शनि की दृष्टि उस ग्रह पर हो, अथवा लग्न में शनि और राहु की युति हो, अथवा नवमांश कुंडली में शुक्र और मंगल की युति हो, अथवा लग्नेश केंद्र में राहु के साथ हो

 
 
 
जन्म कुंडली में शनि यदि दशम भाव के स्वामी के साथ हों, अथवा दशम भाव का स्वामी राहु

जन्म कुंडली में शनि यदि दशम भाव के स्वामी के साथ हों, अथवा दशम भाव का स्वामी राहु अथवा केतु के साथ हो, अथवा दशम भाव का स्वामी, देवगुरु बृहस्पति के साथ हो, अथवा नवम भाव और पंचम भाव के स्वामी, एक साथ कु

 
 
 

Comments


bottom of page