जन्म कुंडली के नवम भाव पर यदि शुभ ग्रह अथवा पाप ग्रह किसी की भी दृष्टि ना हो,
जन्म कुंडली के नवम भाव पर यदि शुभ ग्रह अथवा पाप ग्रह किसी की भी दृष्टि ना हो, और ना ही कोई ग्रह नवम भाव में हो,तो समझ लीजिए। ऐसे जातक का भाग्य उसका साथ नहीं देता। चाहे नवम भाव का स्वामी कितना ही बली क्यों ना हो। ऐसी अवस्था में जातक को लगातार संघर्ष के बाद भी वह उचित सफलता नहीं मिल पाती। जो औरों को आसानी से मिल जाती है। जन्म कुंडली में ऐसी स्थिति होने पर पहले काम तो यह करिए कि अपने देवगुरु बृहस्पति को बली करिए। और दूसरा गुरु दीक्षा लेकर गुरु प्रदत्त मंत्र का जप नित्य नियम से करना प्रारंभ कर दीजिए। भाग्य का साथ मिलने लगेगा।

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